आखिर क्यों छोड़ा विजय माल्या ने भारत?
विजय माल्या ने भारत छोड़ने का कारण सिर्फ एक “भगोड़ा” होने से नहीं जोड़ा। उनके अनुसार, 2016 में उन्होंने भारत इसलिए छोड़ा क्योंकि उन्हें यहां निष्पक्ष न्याय और सम्मान की कोई उम्मीद नहीं दिख रही थी। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने खुलकर कहा – “मुझे जबरन बलि का बकरा बना दिया गया।” उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि मीडिया ट्रायल और राजनीतिक दबाव की वजह से उनकी बात को कभी गंभीरता से नहीं सुना गया। यही वो हालात थे, जिनसे तंग आकर एक वक्त का बड़ा बिज़नेस टायकून देश छोड़कर विदेश में बस गया।
आखिर क्या है पूरा मामला?
विजय माल्या पर आरोप है कि उन्होंने भारत के 17 बैंकों से कुल ₹9,000 करोड़ से ज़्यादा का लोन लिया और वापस नहीं किया। मामला किंगफिशर एयरलाइन से जुड़ा है, जो लगातार घाटे में जा रही थी। बैंक का कहना है कि माल्या ने जानबूझकर कर्ज नहीं लौटाया और पैसे को दूसरी जगह लगाया। जबकि विजय माल्या का कहना है कि उन्होंने केवल 6203 करोड़ का लोन लिया था और उन्होंने कहा की अब तक वो 14000 करोड़ से ज्यादा लोन चुका चुके है, बल्कि उसके बावजूद मुझे चोर कहा जा रहा है। उन्हेनो भगोड़ा कहना स्वीकार किया लेकिन चोर नहीं उन्होंने कहा चोरी कहा हुई? पूरे मामले की तह में जाएं, तो एक ओर डूबता एयरलाइन सेक्टर था, और दूसरी ओर सिस्टम की जकड़न जिसने इस पूरे विवाद को जन्म दिया।

क्या एक बार फिर भारत लौटेंगे विजय माल्या?
सबसे बड़ा सवाल यही है – क्या विजय माल्या कभी भारत लौटेंगे? इस पर उन्होंने इंटरव्यू में कहा कि वो तभी लौटेंगे जब उन्हें “मान-सम्मान, मानवाधिकारों की रक्षा और निष्पक्ष ट्रायल” की गारंटी दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा की वह भागे जरूर है लेकिन चोर नहीं है। और उनका कहना है कि अगर भारत सरकार उन्हें न्यायिक सुरक्षा दे तो वापसी संभव है। हालांकि अभी तक भारत सरकार और ED की तरफ से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है। फिलहाल मामला लंदन की अदालतों और भारत की एजेंसियों के बीच फंसा हुआ है।
RCB खरीदने के पीछे का बड़ा कारण?
IPL की शुरुआत में विजय माल्या की पहली पसंद मुंबई इंडियंस थी, लेकिन जब वह फ्रेंचाइज़ी नहीं मिली तो उन्होंने RCB (Royal Challengers Bangalore) खरीद ली। उनका कहना है कि क्रिकेट उनका पैशन था, और किंगफिशर ब्रांड को क्रिकेट के ज़रिए प्रमोट करना उनकी बिजनेस रणनीति का ही एक हिस्सा था। माल्या का मानना था कि क्रिकेट भारत में धर्म से कम नहीं, और अगर ब्रांडिंग करनी है तो IPL से बड़ा मंच नहीं हो सकता। उन्होंने RCB को एक फैशन ब्रांड बना दिया – जहां क्रिकेट, स्टाइल और बिज़नेस सब एक साथ चले। और सबसे बड़ा कारण था अपनी किंगफिशर ब्रांड को प्रमोट करना।

आखिर क्यों डूबी किंगफिशर एयरलाइन?
किंगफिशर एयरलाइन की शुरुआत शानदार थी – लक्ज़री, ब्रांडिंग और सुविधाओं के मामले में ये एक रॉयल अनुभव थी। लेकिन 2008 की वैश्विक मंदी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, टैक्स नियमों की सख्ती और सरकार से कोई राहत न मिल पाने के चलते धीरे-धीरे ये एयरलाइन नीचे गिरती गई। ऐसे हालातो में विजय माल्या ने कई बार सरकार से मदद की गुहार लगाई, लेकिन हर बार दरवाज़े बंद मिले – और देखते ही देखते एक चमकदार ब्रांड धूल में मिल गया।
निष्कर्ष: अब आगे क्या हो सकता है?
विजय माल्या का इंटरव्यू सामने आने के बाद कई सवाल फिर खड़े हो गए हैं – क्या वो सच में भारत लौटना चाहते हैं या ये सिर्फ पब्लिक इमेज सुधारने की कोशिश है? उन्होंने खुद कहा है कि अगर उन्हें निष्पक्ष सुनवाई और सम्मान मिले, तो वो वापसी पर विचार कर सकते हैं। फिलहाल UK की कोर्ट में उनका प्रत्यर्पण केस अंतिम चरण में है और भारत सरकार भी उन्हें वापस लाने की पूरी कोशिश कर रही है। अगर कोर्ट ने आदेश दे दिया, तो माल्या भारत लोट सकते है अब इंतजार है तो केवल कोर्ट के फैसले का। तब तक देखे है अब आगे क्या होता है।

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